पुलिस अफसरों ने जाने साइबर क्राइम से निपटने के टिप्स

यूपी एसटीएफ के मुख्यालय में एडीजी अमिताभ यश के निर्देशन में एसटीएफ में कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों के लिए " साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

क्राइम रिव्यू
 
लखनऊ। यूपी एसटीएफ के मुख्यालय में बुधवार को एडीजी अमिताभ यश के निर्देशन में एसटीएफ में कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों के लिए ” साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने स्पेमिंग, फिशिंग, हैकिंग, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल साइट से संबंधित होने वाले साइबर क्राइम के बारे में बताया। साथ ही इससे बचाव के टिप्स भी दिए।

साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने कहा कि अब छोटे शहरों में भी पुलिस के पास फेसबुक, एटीएम कार्ड फ्राड, फेक मेल व कॉल समेत कई मामले आ रहे हैं।
राहुल मिश्रा ने बताया कि इन दिनों फर्जी फेसबुक आईडी के जरिये किसी पुरुष या महिला की मूल फेसबुक आईडी आईडी पर आपत्तिजनक चित्रों को पोस्ट कर दिया जाता है। यह भी साइबर क्राइम है। ऐसे अपराधियो से निपटने के लिए राहुल ने स्नेप शॉट तकनीकि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने धमकी भरे फोन आने पर पुलिस कर्मियों को सीडीआर के जरिये आरोपी का पता लगाने की सलाह दी। उन्होंने पुलिस कर्मियों को लिंक के बारे में जानकरीं देते हुए बताया कि साइबर क्राइम करने वाला हमेशा अपनी पहचान छिपाकर रखता है। इस लिंक के जरिये उस तक पहुंचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए इंटरनेट नेटवर्क उपलब्ध कराने वाली कंपनी का भी सहयोग लेना पड़ेगा। राहुल मिश्रा ने बताया कि बीते एक दो साल से देखा जा रहा है जितने फाइनेंशियल फ्रॉड हो रहे हैं, उनमें से 90 परसेंट फ्रॉड यूपीआई के माध्यम से हुए है।
राहुल ने एक केस स्टडी के माध्यम से यूपीआई के जरिये साइबर फ्रॉड के बारे में बताया। इसके अलावा एटीएम कार्ड फ्राड कर आनलाइन शापिंग करने वालों या इंटरनेट के माध्यम से कॉल करके धमकी देने वालों को भी ट्रेस करने का तरीका बताया गया। कार्यशाला में व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल आदि के माध्यम से हो रहे अपराधों को ट्रैक करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त फेक मेलिंग, कॉल स्पूफिंग से सम्बंधित केस के अन्वेषण के लिए एसटीएफ के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही राहुल मिश्रा ने आम आदमी को सलाह देते हुए कहा कि फाइनेंशियल साइबर अपराध से बचने के लिए अपने बैंक डिटेल्स किसी से शेयर न करे। किसी भी लालच में न आएं। बच्चों को भी लगातार जागरूक करते रहे। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से खुद जुड़े और उनसे लगातार बात करते रहे।
इससे पहले कार्यशाला का शुभारंभ एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने किया। इस अवसर पर अमिताभ यश ने कहा कि आज कल साइबर अपराधी हाईटेक तकनीक का इतेमाल कर रहे है, इसलिए एसटीएफ को भी अपने आपको टेक्नोलॉजी में अपडेट करने की आवयकता है। जिससे अपराधियों को आसानी से पकड़ा जा सके। इस अवसर पर कार्यशाला में एसएसपी  एसटीएफ हेमराज मीना, एडशनल एसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह, एडशनल एसपी, एसपी, इंस्पेक्टर आदि मौजूद रहे।

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