उच्च न्यायालय ने जारी किया निर्देश, न्यायाधीशों को जमानत के आवेदनों को दो सप्ताह के भीतर करे निपटारा

क्राइम रिव्यू: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रशासनिक स्तर पर सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को जमानत के आवेदनों का निपटान दो सप्ताह में करने को कहा है। अदालत ने सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) के मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय के आलोक में यह निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय के महानिबंधक द्वारा जारी एक सूचना के मुताबिक, “उत्तर प्रदेश में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को दो सप्ताह के भीतर जमानत के आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया गया है और साथ ही सतेंद्र कुमार अंतिल के मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।”

सूचना में कहा गया है, “अधिनस्थ न्यायालयों का यह परम कर्तव्य है कि वे इस देश के कानून का पालन करें और इसके बाद भी यदि लोग न्यायिक हिरासत में भेजे जाते हैं, जहां उन्हें भेजे जाने की जरूरत नहीं है और यदि पीड़ित पक्ष इस कारण आगे मुकदमे दायर करता है तो मजिस्ट्रेट को न्यायिक कार्य से हटाकर कुछ समय के लिए उसके कौशल को अद्यतन करने के लिए उसे न्यायिक अकादमियों में भेजा जा सकता है।” इस सूचना में उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश का संदर्भ दिया गया है जिसमें उच्चतम न्यायालय ने जमानत के मामलों से निपटने में न्यायिक अधिकारियों के निराशाजनक तरीके अपनाने को गंभीरता से लिया है, जबकि समय-समय पर इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

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उल्लेखनीय है कि इस साल मार्च में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि निर्णय पारित करने के 10 महीने बाद भी जिला न्यायालय सतेंद्र कुमार अंतिल के मामले में जारी निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है जिसमें गिरफ्तारी और जमानत के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों और टिप्पणियों के आलोक में और उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आपराधिक मामलों को देख रही सभी अदालतों को पिछले सप्ताह ये निर्देश जारी किए।

 

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